31 मार्च तक नोएडा सहित यूपी की 7 कमिश्नरेट में लागू होंगे नए कानून

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की गौतम बुध नगर पुलिस कमिश्नरेट सहित सभी 7 कमिश्नरेट में 31 मार्च तक नए कानून लागू होंगे केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ राज्य में तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर समीक्षा बैठक की। शाह ने इस बात पर बल दिया कि उत्तर प्रदेश के सातों कमिश्नरेट्स में 31 मार्च, 2025 तक नए आपराधिक कानूनों का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।
इस बैठक में उत्तरप्रदेश में पुलिस, जेल, अदालत, अभियोजन और फॉरेंसिक से संबंधित विभिन्न नए प्रावधानों के कार्यान्वयन और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में गृह मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लाए गए तीन नए आपराधिक कानून दंड-केंद्रित नहीं, बल्कि पीड़ित-केंद्रित हैं और इनका उद्देश्य त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है।
गृह मंत्री ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फरवरी माह में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा कर इन कानूनों को राज्य में पूरी तरह जल्द से जल्द लागू करने को कहा। शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़ी आबादी वाले राज्य में नए आपराधिक कानूनों के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन से पूरे देश में एक अच्छा संदेश जाएगा।
शाह ने कहा, इस बात की नियमित और निरंतर निगरानी होनी चाहिए कि दर्ज की गई कुल जीरो एफआईआर में से कितनी एफआईआर राज्यों को स्थानांतरित की गईं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को हर 15 दिन में और मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को सभी संबंधित विभागों के साथ तीन नए कानूनों के कार्यान्वयन की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करनी चाहिए।
तकनीक का उपयोग बढ़ाने की जरूरत पर बल देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, राज्य के हर जिले में एक से अधिक फॉरेंसिक मोबाइल वैन उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कहा, फॉरेंसिक विजिट के लिए टीमों को तीन श्रेणियों गंभीर, सामान्य और अति सामान्य में विभाजित करना चाहिए, जिससे संसाधनों और विशेषज्ञों का बेहतर उपयोग किया जा सके।
गृहमंत्री शाह के निर्देश ●
● गृह मंत्री शाह ने कहा, सभी सात कमिश्नरेट्स में 31 मार्च तक नए आपराधिक कानूनों का शत-प्रतिशत कार्यान्वयन सुनिश्चित हो
● दर्ज कुल जीरो ए़फआईआर में से कितनी राज्यों को स्थानांतरित की गईं, इसे अपडेट करना होगा
● मुख्यमंत्री मुख्य सचिव, डीजीपी संबंधित विभागों के साथ सप्ताह में एक बार कार्यान्वयन की प्रगति जांचें (साभार हिंदुस्तान)



